

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को MZ विज़टाउन प्लानर्स के डायरेक्टर अभय कुमार को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पाया कि नोएडा के टेक एक्सपर्ट की मौत के मामले में उनकी गिरफ्तारी ज़रूरी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना की गई थी। [अभय कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य]
जस्टिस सिद्धार्थ और जय कृष्ण उपाध्याय की बेंच ने कहा कि पुलिस अरेस्ट मेमो के क्लॉज़ 13 के तहत प्रोसीजर को फॉलो करने में फेल रही है, जिसके तहत आरोपी को उनकी गिरफ्तारी के कारण बताने और उन्हें कस्टडी में लेने से पहले मेमो की एक कॉपी देने की ज़रूरत होती है।
हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध नगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा 20 और 21 जनवरी को जारी किए गए ज्यूडिशियल रिमांड ऑर्डर को रद्द कर दिया।
27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के सिलसिले में फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज होने के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस ने कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
16 जनवरी को नोएडा के सेक्टर 150 में एक अधूरी साइट पर पानी से भरी खाई में कार गिरने से मेहता डूब गए थे।
यह खाई खराब स्टॉर्मवॉटर मैनेजमेंट की वजह से बनी थी और यह साइट कई सालों से विज़टाउन प्लानर्स के कंट्रोल में होने के बावजूद अधूरी पड़ी थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने कुमार पर हत्या न करने के इरादे से गैर इरादतन हत्या सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
सीनियर एडवोकेट मनु शर्मा के साथ एडवोकेट सिन्हा श्रेय निखिलेश, स्वस्तिक वर्मा और राम कौशिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए।
सरकारी असिस्टेंट एडवोकेट अरविंद कुमार राज्य की ओर से पेश हुए।
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Allahabad High Court orders release of Wiztown director in Noida techie death case