असम ने पवन खेड़ा को ट्रांजिट बेल दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

खेड़ा के खिलाफ मामला उनके हालिया दावों के बाद दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां है।
Pawan Khera and Supreme Court
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असम सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है, जिसमें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस द्वारा उनके ख़िलाफ़ दर्ज जालसाज़ी और आपराधिक साज़िश के एक मामले में एक हफ़्ते की ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत दी गई थी।

असम पुलिस ने खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साज़िश के कथित मामले में केस दर्ज किया है। यह केस उनके हालिया दावों के बाद दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, असम पुलिस 7 अप्रैल को दिल्ली में खेड़ा के घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। बाद में, खेड़ा ने ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत (transit anticipatory bail) के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।

तेलंगाना हाईकोर्ट की जस्टिस के. सुजाना ने 10 अप्रैल को खेड़ा को एक हफ़्ते की राहत दी। इस दौरान वह संबंधित अधिकार क्षेत्र वाले कोर्ट में नियमित अग्रिम ज़मानत याचिका दायर कर सकते हैं।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "यह कोर्ट यह देखती है कि याचिकाकर्ता पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 175, 3(5), 3(6), 318, 336(4), 337, 338, 340, 341(1), 351(1), 352, 353, 356, 61(2) के तहत लगाए गए आरोपों की जांच से यह पता चलता है कि धारा 338 BNS के तहत अपराध को छोड़कर, बाकी सभी अपराधों के लिए सात साल से कम की सज़ा का प्रावधान है।"

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "याचिकाकर्ता (खेड़ा) को संबंधित कोर्ट में आवेदन दायर करने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया जाता है।"

Justice Sujana K
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Assam moves Supreme Court against grant of transit bail to Pawan Khera

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