दिल्ली की अदालत ने कांग्रेस सांसद और JNU प्रोफेसर ए. बिमोल अकोइजम के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाई

जेएनयू के कई छात्रों ने अकोइजम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
Angomacha Bismil Akoijam
Angomacha Bismil Akoijam
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दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को निर्देश दिया कि कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर ए. बिमोल अकोइजम के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में, दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न करे।

कई छात्रों ने अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 के तहत यौन उत्पीड़न के अपराधों के लिए एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

राउज़ एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिगविनय सिंह ने कहा कि अगर अकोइजम की गिरफ्तारी की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए।

अदालत ने गौर किया कि अकोइजम का पिछला रिकॉर्ड साफ है और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। अदालत ने यह भी कहा कि जांच अभी चल रही है और पीड़ितों के बयान अभी दर्ज नहीं किए जा सके हैं, क्योंकि JNU प्रशासन ने उनके नाम और विवरण उपलब्ध नहीं कराए हैं।

इसके अलावा, न्यायाधीश सिंह ने कहा कि अगर जांच में सहयोग नहीं किया जाता है, तो दिल्ली पुलिस आवश्यक निर्देशों के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है।

अकोइजम के वकील ने आज अदालत को बताया कि वे जांच में शामिल हो चुके हैं और पूरा सहयोग कर रहे हैं।

इस बीच, सरकारी वकील ने न्यायाधीश को बताया कि JNU को नोटिस जारी कर अकोइजम के खिलाफ शिकायत करने वालों की जानकारी और विवरण मांगे गए हैं, और पुलिस उनसे बात करेगी।

इससे पहले, यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद 9 अक्टूबर को अकोइजम को JNU से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया था।

हालांकि, 2 नवंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने अकोइजम द्वारा विश्वविद्यालय की इस कार्रवाई को चुनौती दिए जाने के बाद, उनकी बर्खास्तगी पर रोक लगा दी।

अकोइजम ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि ये आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।

कांग्रेस के ये सांसद JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के अंतर्गत 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' से जुड़े हुए थे।

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Delhi court halts police action against Congress MP and JNU professor A Bimol Akoijam