

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (GAC) से कहा कि वह स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ़ उसकी अपील पर फ़ैसला करे।
जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि SFI की अपील पर तीन हफ़्ते में फ़ैसला हो जाएगा।
SFI, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) का स्टूडेंट विंग है।
कोर्ट ने SFI की याचिका पर यह आदेश दिया।
स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन की तरफ़ से वकील अपार गुप्ता पेश हुए और उन्होंने बताया कि ऐसी अपील पर फ़ैसला करने के लिए तय कानूनी समय सीमा चार हफ़्ते है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने पहले भी ऐसे मामलों में सरकार को अपील पर फ़ैसला करने के लिए अतिरिक्त चार हफ़्ते का समय देते हुए मामले का निपटारा किया है।
कोर्ट ने नोट किया कि SFI ने 12 अगस्त को सरकार के सामने अपील दायर की थी और अब तक कोई आदेश पारित नहीं किया गया है। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को अपील पर फ़ैसला करने का निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
SFI के अनुसार, इंस्टाग्राम ने 5 जुलाई को SFI दिल्ली का अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया। इंस्टाग्राम ने कहा कि यह अकाउंट "किसी ऐसे दूसरे अकाउंट से जुड़ा हो सकता है जिसने हमारे नियमों का उल्लंघन किया है" और इसलिए यह अकाउंट की सत्यता (इंटीग्रिटी) से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का पालन नहीं करता है।
SFI ने कहा कि इंस्टाग्राम ने कोई और जानकारी नहीं दी और न ही उस कथित तौर पर जुड़े अकाउंट की पहचान बताई।
2018 में बनाए गए इस अकाउंट के लगभग 13,000 फ़ॉलोअर्स थे।
स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन ने कहा कि उन्होंने पहले 7 जुलाई को इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ अपील की और फिर 9 जुलाई को मेटा के ग्रीवांस ऑफ़िसर से संपर्क किया। हालाँकि, उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने 12 अगस्त को GAC से संपर्क किया।
याचिका में कहा गया है कि 16 सितंबर तक GAC की वेबसाइट पर अपील "प्रोसेस में" (under process) दिखाई दे रही थी, जबकि 30 दिन से ज़्यादा का समय बीत चुका था।
याचिकाकर्ता ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के नियम 3A(4) का हवाला दिया, जिसके तहत GAC को अपीलों पर तेज़ी से कार्रवाई करनी होती है और 30 कैलेंडर दिनों के भीतर उन्हें अंतिम रूप से सुलझाने की कोशिश करनी होती है।
इसमें GAC को यह निर्देश देने की भी मांग की गई कि वह अपनी अपील प्रक्रिया को अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g) और 21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों और आज़ादी के अनुरूप चलाए।
यह याचिका वकील नमन कुमार के ज़रिए दायर की गई थी।
और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
Delhi High Court asks Centre to decide SFI's plea against Instagram account blocking