Bhavik Koladiya, Ashneer Grover
वादकरण
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतपे के सह-संस्थापक भाविक कोलाडिया द्वारा कंपनी के शेयरों को लेकर अशनीर ग्रोवर को सम्मन जारी किया
ग्रोवर को इस आशय का एक अंडरटेकिंग दाखिल करने का निर्देश दिया गया था कि वह अगले आदेश तक शेयरों में तीसरे पक्ष के अधिकार नहीं बनाएंगे।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को अशनीर ग्रोवर और फिनटेक फर्म BharatPe को कंपनी के सह-संस्थापक भाविक कोलाडिया द्वारा अपने पूर्व सहयोगी को हस्तांतरित किए गए शेयरों को वापस लेने के लिए एक मुकदमे पर सम्मन जारी किया।
जस्टिस प्रतीक जालान ने ग्रोवर के वकील की दलील का संज्ञान लिया कि वह अगले आदेश तक 16,110 शेयरों पर किसी तीसरे पक्ष का अधिकार नहीं बनाएंगे। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,
"डी1 (ग्रोवर) पूर्वोक्त बयान के लिए बाध्य है और आज से एक सप्ताह के भीतर इस आशय का एक उपक्रम दायर करने का निर्देश दिया गया है। चार सप्ताह में आवेदन का जवाब दें, उसके बाद दो सप्ताह में प्रत्युतर दें।"
कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 16 मार्च को करेगा।
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