हाथरस गेंगरेप: इलाहाबाद HC मे मामले मे पीड़ित परिवार को निर्धारित तिथि से पहले बुलाने और उनकी सुरक्षा के लिये पत्र याचिका

याचिका में संबंधित लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिस अधिकारियों और जिलाधिकारी के खिलाफ उच्च न्यायालय के आदेश की अवज्ञा करने के कारण आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
हाथरस गेंगरेप: इलाहाबाद HC मे मामले मे पीड़ित परिवार को निर्धारित तिथि से पहले बुलाने और उनकी सुरक्षा के लिये पत्र याचिका
Hathras Gang Rape, Allahabad HC

इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक पत्रदाखिल करके अनुरोध किया गया है कि हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में पीड़ित परिवार को पहले बुलाया जाये ताकि वे बगैर किसी दबाव के अपनी बातें सामने रख सकें।

यह याचिका अधिवक्ता कुलदीप राय ने दायर की है। इसमें मृतक के परिवार के लिये समुचित सुरक्षा का निर्देश देने का अनुरोध भी किया गया है। इसी के साथ इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिस अधिकारियों और जिलाधिकारी के खिलाफ पीड़ित परिवार पर दबाव नहीं डालने के उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश की अवज्ञा करने के आरोप में आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच द्वारा इस धटना का स्वत: संज्ञान लिये जाने की सराहना करते हुये पत्र में कहा गया है कि पीड़ित के साथ बलात्कार से इंकार करके पुलिस ने पहले ही अपना मनस्पष्ट कर दिया है।

‘‘यह बेहद आहत करने वाला है कि हाथरस के जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधिकारियों ने न्यायिक व्यवस्था का साफतौर पर मखौल बना दिया और लोगों को यह भरोसा दिला दिया कि पुलिस और डीएम कुछ भी कर सकते हैं और वे कानून ऊपर हैं।’’
याचिका के अनुसार

समाचार पत्रों की तमाम खबरों और सोशल मीडिया साइट्स पर चल रही वीडियो क्लिपिंग को आधार बनाते हुये याचिकाकर्ता ने कहा है कि पीड़ित के भाई ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन परिवार को डरा धमका रहा है और वह उन्हें गांव में अपने क्षेत्र से न तो बाहर जाने दे रहा है और न ही मीडिया से बात करने दे रहा है।

याचिका के अनुसार, ‘‘पुलिस ने हमारे लिये गांव के सभी रास्तों, गलियों और छतों को अवरूद्ध कर दिया है । पीड़ित के भाई ने संवाददाताओं से कहा कि वे हमने बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।’’

याचिका में पीड़ित के भाई को यह कहते हुये उद्धृत किया गया हे कि प्रशासन ने परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल छीन लिये हैं और जिलाधिकारी ने उसके ताऊ की छाती पर लात मारी जिस वजह से वह अचेत हो गये।

इन तमाम कारणों का जिक्र करते हुये उच्च न्यायालय से अनुरोध किया गया है कि पीड़ित के परिवार को पेश होने की तारीख पहले निर्धारित की जाये और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया जाये।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में 19 वर्षीय दलित लड़की, जिसके बारे में बताया गया है कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और अंग भंग किये गये, का भोर से पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। उच्च न्यायालय इस मामले में 12 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

इसी तरह, कार्यकर्ता साकेत गोखले ने पीड़ित के परिवार के सदस्यों का नार्को टेस्ट कराने के प्रस्ताव के खिलाफ उच्च न्यायालय में आज एक पत्र याचिका दायर की है।

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Hathras gang-rape: Letter petition urges Allahabad HC for earlier date of appearance, security for victim's family

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