नेपाल बाढ़: मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के लापता तीर्थयात्रियो का पता लगाने के प्रयासो पर केंद्र और राज्य से रिपोर्ट मांगी

मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वी. शिवज्ञानम भी उन तीर्थयात्रियों में शामिल हैं जिनके लापता होने की खबर है।
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मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र और तमिलनाडु सरकारों को निर्देश दिया कि वे नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राज्य के उन 85 लोगों का पता लगाने के लिए उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें, जिनसे अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है।

चीफ़ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिवीज़न बेंच ने वकील एएफ परवेश मुशर्रफ की जनहित याचिका (PIL) पर यह आदेश दिया।

याचिका में अधिकारियों से मांग की गई थी कि वे आपदा से प्रभावित तमिलनाडु के हर तीर्थयात्री का पता लगाएं और उनके बचाव व सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित करें।

बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों में मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस वी शिवज्ञानम भी शामिल हैं। 26 अगस्त को अपनी पत्नी से आखिरी बार बात करने के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।

बुधवार की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट नहीं किया गया कि क्या वे उन 85 लोगों में शामिल थे जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

CJ SA Dharmadhikari and Justice Arul Murugan
CJ SA Dharmadhikari and Justice Arul Murugan

कोर्ट को बताया गया कि तमिलनाडु से 305 लोग नेपाल गए थे, जिनमें से ज़्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे। इनमें से 220 लोगों का पता चल गया है और उनके सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है। बाकी 85 लोगों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है।

तमिलनाडु सरकार ने कहा कि उसने लापता तीर्थयात्रियों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने के लिए केंद्र सरकार और काठमांडू में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर हर संभव कदम उठाए हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि जिन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनके परिवारों को सरकारी खर्च पर काठमांडू जाने के लिए यात्रा और अन्य मदद की पेशकश की गई है।

Justice V Sivagnanam
Justice V Sivagnanam

बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह अब तक उठाए गए कदमों और अभी चल रहे बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए एक औपचारिक स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। केंद्र सरकार को भी अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई। इस मामले पर आठ दिन बाद फिर सुनवाई होगी।

सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने अब तक किए गए बचाव और वापसी के उपायों की जानकारी दी। सरकार ने बताया कि कुंभकोणम स्थित 'सुपर यात्रा' के ज़रिए यात्रा करने वाले 57 तीर्थयात्रियों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया और वापस लाया गया।

अदालत को बताया गया कि तमिलनाडु हाउस के अधिकारी काठमांडू में तैनात हैं और भारतीय दूतावास, नेपाली अधिकारियों और तीर्थयात्रियों के रिश्तेदारों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।

राज्य सरकार ने आगे बताया कि तीर्थयात्रियों के कई समूह नई दिल्ली पहुँचे और उसके बाद अपने-अपने गृह नगर लौट गए। बचाए गए लोगों को सरकारी खर्च पर भोजन, जलपान और हवाई टिकट उपलब्ध कराए गए।

हालाँकि, चेन्नई स्थित 'महादेव कैलाश यात्रा' के ज़रिए यात्रा करने वाले 49 लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। राज्य सरकार ने कहा कि भारतीय दूतावास के माध्यम से उनका पता लगाने की कोशिशें जारी हैं।

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Nepal floods: Madras High Court seeks reports from Centre, State on efforts to trace missing pilgrims from TN

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