

बेंगलुरु की एक स्पेशल कोर्ट ने क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को निर्देश दिया है कि वह हासन के पूर्व सांसद (MP) प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में अभियोजन पक्ष के एक गवाह को मिली कथित धमकी भरी कॉल की जांच करे [SIT बनाम प्रज्वल रेवन्ना]।
सेशन कोर्ट के जज शिवप्रसाद केबी ने 20 अगस्त को यह निर्देश जारी किया। यह निर्देश तब दिया गया जब एक 43 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता, जो अभियोजन पक्ष की गवाह (PW-4) हैं, ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकियां मिली हैं। यह बात गवाह से जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) के दौरान कही गई।
कोर्ट ने SIT से कहा है कि वह इस मामले की जांच करे, गवाह को सुरक्षा दे और मामले की अगली सुनवाई तक रिपोर्ट सौंपे।
इस मामले में कोर्ट ने SIT के प्रमुख, एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (ADGP) को एक सूचना भेजी, जिससे पता चला कि सोशल वर्कर का बयान (एग्जामिनेशन-इन-चीफ़) 6 जुलाई, 2026 को दर्ज किया गया था।
20 अगस्त को जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) के दौरान, सोशल वर्कर ने कोर्ट को बताया कि अपना मुख्य बयान देने के बाद उन्हें फ़ोन पर धमकियां मिलीं। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके बेटे या उन्हें कुछ भी होता है, तो इसके लिए आरोपी - प्रज्वल रेवन्ना - ज़िम्मेदार होंगे।
इन आरोपों को देखते हुए, स्पेशल कोर्ट ने SIT को मामले की जांच करने और कानून के मुताबिक सोशल वर्कर को ज़रूरी सुरक्षा देने का निर्देश दिया।
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना ने 2019 से 2024 तक लोकसभा में हासन का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें मई 2024 में कई यौन उत्पीड़न मामलों के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था और बाद में एक रेप केस में दोषी ठहराया गया। बेंगलुरु की एक स्पेशल कोर्ट ने अगस्त 2025 में उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई, जिसके बाद उन्हें परप्पना अग्रहारा जेल में रखा गया।
रेवन्ना के ख़िलाफ़ मामलों में से एक मामला घर की एक मेड (काम करने वाली महिला) के यौन उत्पीड़न का है। शुरू में 28 अप्रैल, 2024 को होलेनरासीपुरा टाउन पुलिस स्टेशन में पूर्व JD(S) विधायक एचडी रेवन्ना और उनके बेटे प्रज्वल रेवन्ना के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई थी। बाद में मामले को अलग-अलग कर दिया गया, जिसमें प्रज्वल रेवन्ना पर IPC की धारा 376, 376(2)(k), 354, 354A, 354B, 354D, 506, 509 और 201 के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66E के तहत आरोप लगाए गए।
SIT ने इस मामले में 100 से ज़्यादा गवाहों का ज़िक्र किया है। ट्रायल अभी अभियोजन पक्ष के सबूत पेश करने के चरण में है, जिसमें PW-4 (वह गवाह जिसने धमकी मिलने का दावा किया है) चौथी गवाह है जिसका बयान दर्ज किया गया है।
मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर, 2026 को तय की गई है। अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अशोक नाइक कर रहे हैं। इसी से जुड़ी एक और बात यह है कि हाल ही में सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) के कर्मचारियों ने परप्पना अग्रहारा जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में मौजूद प्रज्वल रेवन्ना की सेल से एक मोबाइल फ़ोन, चार्जर, पेन ड्राइव और स्क्रिबलिंग पैड बरामद किया।
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Special court orders SIT probe into threat calls received by witness in Prajwal Revanna rape trial