SC ने चेयरपर्सन की 3 सदस्यीय बेंच के खिलाफ NCLAT की 5 सदस्यीय बेंच की अगुवाई में की गयी व्यक्तिगत बेबाक टिप्पणी को हटाया

सुनवाई के आगे बढ़ने से पहले ही, न्यायमूर्ति नरीमन ने कहा, हम मामले से गुजर चुके हैं। हम सीधे बाहर करेंगे। न्यायाधिकरण के सदस्यों के खिलाफ की गई टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया गया है।
SC ने चेयरपर्सन की 3 सदस्यीय बेंच के खिलाफ NCLAT की 5 सदस्यीय बेंच की अगुवाई में की गयी व्यक्तिगत बेबाक टिप्पणी को हटाया
Justice Rohinton Nariman and Justice BR Gavai

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कार्यवाहक न्यायमूर्ति बंसीलाल लाल भट की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय खंडपीठ के एक फैसले में राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के तीन मौजूदा सदस्यों के खिलाफ कथित रूप से व्यक्तिगत और भद्दे कमेंट किए। [जस्टिस (सेवानिवृत्त) जरात कुमार जैन बनाम बिशाल जायसवाल]।

सुनवाई के आगे बढ़ने से पहले ही, न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन ने कहा, हम मामले से गुजर चुके हैं। हम सीधे बाहर करेंगे। न्यायाधिकरण के सदस्यों के खिलाफ की गई टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया गया है।

याचिकाकर्ता, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जरत कुमार जैन, बविंदर सिंह और विजई प्रताप सिंह एनसीएलएटी की 3 सदस्यीय खंडपीठ का हिस्सा थे, जिसने 5 सदस्यीय खंडपीठ को एक मामला भेजा था।

उन्होंने 5 सदस्यीय खंडपीठ के फैसले में बयानों को छोड़कर शीर्ष अदालत का रुख किया कि उनके रेफरल फैसले में याचिकाकर्ताओं ने कट पेस्ट पद्धति को अपनाया और मामले को 5 सदस्यीय खंडपीठ को संदर्भित करने के लिए एक दर्दनाक दुस्साहस को अपनाया।

5-सदस्यीय पीठ के समक्ष कार्यवाही 3-सदस्यीय बेंच द्वारा 25 सितंबर, 2020 को तीन याचिकाकर्ताओं द्वारा किए गए संदर्भ के अनुसार हुई थी।

कानून की बात यह थी कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले यह विचार किया था कि खातों या बैलेंस शीट की पुस्तकों में प्रविष्टियां ऋण की पावती होगी।

जब 5-जजों की बेंच के हवाले से यह मामला सामने आया, तो 5-जजों की बेंच ने अपने आदेश में 3-जज बेंच द्वारा रेफरेंस को अनुचित, अक्षम और गलत करार दिया।

तब तीन सदस्यीय खंडपीठ के सदस्यों ने उनके खिलाफ की गयी टिप्पणी को हटाने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था ।

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[BREAKING] Supreme Court expunges "personal, unsavory" remarks by Chairperson led 5-member Bench of NCLAT against 3-member Bench

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