

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपी तस्लीम अहमद की ज़मानत याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा।
यह नोटिस जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले की बेंच ने जारी किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल सितंबर में अहमद को ज़मानत देने से मना कर दिया था, जिस पर अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) के तहत आरोप हैं। इससे पहले 2022 में ट्रायल कोर्ट ने भी उसे ज़मानत देने से मना कर दिया था।
साजिश के मामले में दूसरे आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम, मोहम्मद सलीम खान, शिफ़ा उर रहमान, अतहर खान, मीरान हैदर, शादाब अहमद, अब्दुल खालिद सैफी और गुलफिशा फातिमा हैं।
अहमद के वकील के कहने पर उसका केस दूसरों से अलग कर दिया गया था।
अहमद का कहना था कि वह सिर्फ़ एंटी-सिटिज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) का प्रोटेस्टर था, लेकिन उसे 24 जून, 2020 को टेरर चार्ज में अरेस्ट किया गया था। उसने ट्रायल में देरी और पहले ही कस्टडी में बिताई गई अवधि का हवाला देते हुए हाईकोर्ट से ज़मानत पर रिहा करने की रिक्वेस्ट की थी।
सुप्रीम कोर्ट में अहमद की तरफ से एडवोकेट महमूद प्राचा और RHA सिकंदर, AOR, के साथ जतिन भट्ट, सनावर, क्षितिज सिंह, नुजहत नसीम, सिकंदर रजा और कुमैल अब्बास ने पैरवी की।
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Supreme Court seeks State’s response in bail plea of Delhi Riots conspiracy accused Tasleem Ahmed