सुप्रीम कोर्ट ने ज़मीन हड़पने के मामले में अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय की गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी

कोर्ट ने रॉय को चल रही जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया।
Supreme Court of India
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कथित साल्बोनी ज़मीन हड़पने के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय की गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने यह अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने रॉय को चल रही जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया।

कोर्ट ने आदेश दिया, "याचिकाकर्ता (सुमित रॉय) जांच में सहयोग करेंगे। उनकी गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी।"

Chief Justice of India Surya Kant and Justices Joymalya Bagchi and V Mohana
Chief Justice of India Surya Kant and Justices Joymalya Bagchi and V Mohana

यह मामला पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले के सालबोनी में सरकारी ज़मीन पर कथित तौर पर अवैध कब्ज़ा करने और धोखाधड़ी से उसका ट्रांसफर करने की जांच से जुड़ा है। TMC नेता अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को इस मामले में आरोपी बनाया गया है।

जून में, मेदिनीपुर की एक अदालत ने रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया था कि बार-बार कोशिश करने के बावजूद उन्हें पकड़ा नहीं जा सका। तलाशी के दौरान पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित घर पर भी छापा मारा था, लेकिन रॉय वहां नहीं मिले।

इस हफ़्ते की शुरुआत में, कलकत्ता हाईकोर्ट ने ज़मीन हड़पने के मामले में रॉय की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच के मौजूदा चरण में हिरासत में पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इसके बाद रॉय ने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।

रॉय की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।

शंकरनारायणन ने कहा, "याचिकाकर्ता जांच में सहयोग करेगा।"

पश्चिम बंगाल सरकार ने इस याचिका का विरोध किया। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने दलीलें रखीं। मेहता ने कहा कि रॉय से हिरासत में पूछताछ ज़रूरी है।

हालांकि, बेंच ने राज्य सरकार के हिरासत में पूछताछ पर ज़ोर देने पर सवाल उठाया, जबकि याचिकाकर्ता ने जांच में सहयोग का भरोसा दिया था।

CJI कांत ने टिप्पणी की, "मुझे उम्मीद है कि आप यह नहीं कह रहे हैं कि पुलिस ही समस्या है।"

इस टिप्पणी का जवाब देते हुए SG मेहता ने कहा कि रॉय को गिरफ्तार करने की जांच एजेंसी की कोशिशों में बार-बार बाधा डाली गई।

उन्होंने कहा, "जब भी हम उन्हें गिरफ्तार करने गए, तो बाधा डाली गई। खुद पूर्व मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) ने इसमें बाधा डाली।"

अदालत ने रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।

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Supreme Court stays arrest of Abhishek Banerjee's aide Sumit Roy in land grab case

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