WB SIR: सुप्रीम कोर्ट उन वोटरो की अपील पर सुनवाई करेगा जिन्हे लिस्ट से हटा दिया गया ताकि वे आने वाले चुनाव मे वोट डाल सके

कोर्ट ने मतदाता सूची में नाम शामिल करने की अपील को, नाम हटाने की अपील की तुलना में प्राथमिकता देने पर भी चर्चा की।
Supreme Court with West Bengal state
Supreme Court with West Bengal state
Published on: 
3 min read

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) से जुड़े मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर को करेगा।

खास बात यह है कि उस तारीख को कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या SIR प्रोसेस के दौरान हटाए गए और हटाने के खिलाफ अपील करने वाले वोटर्स को राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनावों में वोट देने की इजाज़त दी जानी चाहिए।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने सुनवाई आगे बढ़ाई। उन्हें चिंता थी कि जिन वोटर्स की वोटर लिस्ट से नाम हटाने के खिलाफ अपील अभी भी पेंडिंग है, वे नवंबर में होने वाले नगर निकाय चुनावों में वोट नहीं दे पाएंगे।

कोर्ट ने वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने की अपील को, नाम हटाने की अपील के मुकाबले प्राथमिकता देने पर भी चर्चा की।

CJI कांत ने कहा, "हम दो प्राथमिकताओं पर विचार कर रहे हैं। एक तो यह कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए लोगों की ओर से दायर अपीलों को बाद के लिए टाला जा सकता है और उन्हें आखिरी चरण में लिया जा सकता है।"

Chief Justice of India Surya Kant and Justices Joymalya Bagchi and V Mohana
Chief Justice of India Surya Kant and Justices Joymalya Bagchi and V Mohana

कोर्ट को बताया गया कि वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए एक लाख से ज़्यादा अपीलों पर फ़ैसला हो चुका है और 93% आवेदक इसके लिए योग्य पाए गए हैं। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि अभी भी लगभग 1.70 लाख अपीलें लंबित हैं।

इस मामले में पेश हुए सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने कोर्ट से गुज़ारिश की कि वे उन म्युनिसिपल इलाकों के वोटरों से जुड़ी अपीलों को प्राथमिकता दें, जहाँ नवंबर में चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि इन अपीलों पर फ़ैसला लेने के लिए ट्रिब्यूनल को काफ़ी समय चाहिए होगा, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों की घोषणा 15 नवंबर तक हो जानी चाहिए।

Gopal Sankaranarayanan, Senior Advocate
Gopal Sankaranarayanan, Senior Advocate

इस मामले में पेश हो रहे वकील प्रशांत भूषण ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन वोटरों की अपील पर अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ है, वे शायद आने वाले चुनावों में वोट न दे पाएँ।

उन्होंने कहा, "ये वे वोटर हैं जिनके नाम हटा दिए गए हैं और जिनकी ओर से याचिकाएँ दायर की गई हैं। उनकी अपील ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। नवंबर में नगर निकाय चुनाव होने हैं। सवाल यह है कि क्या वे उन चुनावों में वोट दे पाएँगे।"

अदालत ने कहा कि वह पहले से ही इस मुद्दे पर विचार कर रही है और अगली सुनवाई में देखेगी कि क्या इसका कोई समाधान निकाला जा सकता है।

Advocate Prashant Bhushan
Advocate Prashant Bhushan

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


West Bengal SIR: Supreme Court to hear plea to allow excluded voters under appeal to vote for upcoming municipal elections

Hindi Bar & Bench
hindi.barandbench.com