मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने लंबित मामलों से निपटने के लिए कार्य समय 30 मिनट बढ़ाया

इससे पहले कोर्ट का कार्यसमय सुबह 10:30 बजे से 4:30 बजे तक, दोपहर 1:30 से दोपहर 2:30 तक लंच के लिए थे। संशोधन के बाद हाईकोर्ट सुबह 10:15 से शाम 4:30 तक दोपहर 1:30 से दोपहर 2:15 तक लंच के साथ काम करेगा।
Madhya Pradesh High Courts

Madhya Pradesh High Courts

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (एमपी उच्च न्यायालय) ने अपने समक्ष बड़ी संख्या में लंबित मामलों से निपटने के प्रयास में अपने काम के घंटे 30 मिनट बढ़ा दिए हैं।

इसके लिए मप्र उच्च न्यायालय के पूर्ण न्यायालय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय नियम 2008 में संशोधन किया।

इससे पहले कोर्ट का कार्यसमय सुबह 10:30 बजे से 4:30 बजे तक, दोपहर 1:30 से दोपहर 2:30 तक लंच के लिए थे। संशोधन के बाद हाईकोर्ट सुबह 10:15 से शाम 4:30 तक दोपहर 1:30 से दोपहर 2:15 तक लंच के साथ काम करेगा।

ये संशोधन मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित हुए थे और 3 जनवरी, 2022 सोमवार से लागू होंगे।

22 नवंबर, 2021 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (एमपीएचसीबीए) ने सर्वसम्मति से अदालत के काम के घंटों को 30 मिनट तक बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया था, जो प्रभावी रूप से अपने वार्षिक कैलेंडर में 19 अतिरिक्त कार्य दिवस जोड़ देगा।

संकल्प में कहा गया था, "मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सोमवार 22 नवंबर, 2021 को हुई आम सभा की बैठक में कोर्ट के काम के घंटे बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अदालत के कामकाज के घंटे सुबह 10.15 बजे से 10.30 बजे के स्थान पर आधे घंटे और दोपहर 2.30 बजे के स्थान पर 2.15 बजे से आधे घंटे तक बढ़ाए जा सकते हैं, इस प्रकार उच्च न्यायालय के वार्षिक कामकाज को 210 से बढ़ाकर 229 दिन किया जा सकता है।"

[संशोधन आदेश पढ़ें]Madhya Pradesh High Court increases working hours by 30 minutes to tackle pendency

Attachment
PDF
Amendment_Order_of_Madhya_Pradesh_High_Court.pdf
Preview

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें


Madhya Pradesh High Court increases working hours by 30 minutes to tackle pendency

Hindi Bar & Bench
hindi.barandbench.com