मामला सिर्फ एक महिला का नही,PM का है:दिल्ली HC ने CJP प्रदर्शन मे मोदी के साथ महिला की आपत्तिजनक AI तस्वीर हटाने का आदेश दिया

कोर्ट ने मेटा को संबंधित कंटेंट को तुरंत हटाने का निर्देश भी दिया और CJP कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया।
CJP protest
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दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक महिला को पुलिस सुरक्षा दी। महिला ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ताओं - सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह - के खिलाफ याचिका दायर की थी। महिला का आरोप है कि CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उसका एक अश्लील डीपफेक वीडियो फैलाया गया था।

चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच के आज ही मामले की तत्काल सुनवाई के लिए लिस्ट करने पर सहमत होने के बाद, जस्टिस गिरीश कथपालिया ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने आदेश दिया,

"दिल्ली पुलिस के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल ने नोटिस स्वीकार किया और कहा कि चूंकि FIR कल ही दर्ज की गई थी, इसलिए जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। R1 (दिल्ली पुलिस) एक हफ़्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें की गई कार्रवाई का पूरा विवरण हो।"

...यह मामला किसी एक महिला का नहीं है, यह देश के प्रधानमंत्री से जुड़ा मामला है। अगर वे संवेदनशील नहीं हैं, तो मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि वे संवेदनशील बनें।
जस्टिस गिरीश कथपालिया
Justice Girish Kathpalia
Justice Girish Kathpalia

सुनवाई खत्म होने पर जज ने कहा,

"यह एक असाधारण स्थिति है जिसमें मामला सिर्फ़ एक महिला का नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री का है। अगर वे संवेदनशील नहीं हैं, तो मैं यह पक्का करूंगा कि वे संवेदनशील बनें।"

कोर्ट ने मेटा को यह भी निर्देश दिया कि वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से उस आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाए और CJP कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया।

महिला की ओर से पेश वकील उमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने कुछ नहीं किया है।

उन्होंने कहा, "मुझे धमकियां मिल रही हैं।"

कोर्ट ने जवाब दिया,

"तस्वीरें हटाने के लिए मामला सिविल कोर्ट में जाना चाहिए। मैं पुलिस सुरक्षा दे सकता हूं।"

इसके बाद जस्टिस कथपालिया ने पुलिस से पूछा कि क्या कार्रवाई की गई है। पुलिस के वकील ने जवाब दिया कि FIR दर्ज कर ली गई है। तब कोर्ट ने कहा,

"जैसा कि मैंने कहा, यह राहत सिविल बेंच से मिलनी चाहिए थी। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए, हमें महिला को एक जगह से दूसरी जगह नहीं दौड़ाना चाहिए।"

पुलिस द्वारा महिला को सुरक्षा देने की बात कहने के बाद, कोर्ट ने कहा,

"पहले एक मामले में ऐसा हुआ था कि पता सार्वजनिक कर दिया गया था। मैं निर्देश दूंगा कि इसमें पता न बताया जाए। पता सब-इंस्पेक्टर को दिया जाएगा, जो इसे इलाके के SHO को देंगे और वे पक्का करेंगे कि महिला सुरक्षित रहे।"

शर्मा ने फिर कहा कि महिला की मॉर्फ़ की गई जो तस्वीरें फैलाई जा रही हैं, वे अश्लील हैं। बेंच ने इससे सहमति जताई।

राहत देने के बाद, कोर्ट ने पूछा,

"क्या आपने मुआवज़े की भी मांग की है? क्योंकि मुझे एक आदेश याद है जिसमें कहा गया था कि जब भी राजनीतिक पार्टियां प्रदर्शन वगैरह करती हैं और कुछ होता है, तो वे मुआवज़ा देने के लिए ज़िम्मेदार होंगी।"

शर्मा ने जवाब दिया कि ऐसी कोई राहत नहीं मांगी गई थी।

महिला ने एक क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड किए गए कंटेंट को हटाने की मांग की है।

अपनी याचिका में, महिला ने AI से बनी डीपफेक अश्लील तस्वीरों को हटाने और जान से मारने व रेप की धमकियों के बीच पुलिस सुरक्षा के लिए निर्देश देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर CJP के हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शन के आयोजकों और उनके साथियों ने बिना इजाज़त याचिकाकर्ता की तस्वीर हासिल की और AI फेस-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक अश्लील तस्वीर में बदल दिया।

आरोप है कि इस नकली तस्वीर को बैनर पर छापा गया, भीड़ के सामने अश्लील नारों के साथ प्रदर्शित किया गया, इसकी फ़िल्म बनाई गई और इंस्टाग्राम पर बड़े पैमाने पर फैलाया गया।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि याचिकाकर्ता की मॉर्फ़ की गई तस्वीरों को बाद में पोर्नोग्राफ़िक वेबसाइटों पर अपलोड किया गया और तब से उन्हें बलात्कार, गैंगरेप, एसिड अटैक और जान से मारने की धमकियों वाले कई संदेश मिले हैं, जिससे उन्हें घर में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

CJP कार्यकर्ताओं के अलावा, मेटा और दिल्ली पुलिस को भी इस मामले में पक्षकार बनाया गया है।

याचिकाकर्ता ने पुलिस सुरक्षा, समय-समय पर स्टेटस रिपोर्ट के साथ विस्तृत जांच और सभी प्लेटफ़ॉर्म और मिरर साइटों पर कंटेंट को ब्लॉक करने के निर्देश भी मांगे हैं, जिसमें तत्काल सुरक्षा उपायों के लिए एक अंतरिम आवेदन भी शामिल है।

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Matter not of one lady but about PM: Delhi HC orders takedown of explicit AI photo of woman with PM Modi seen during CJP protest

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