नोएडा में मज़दूरों का विरोध-प्रदर्शन: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने DU ग्रेजुएट आकृति चौधरी की NSA के तहत हिरासत को रद्द किया

चौधरी हिरासत में ही रहेंगी क्योंकि उन्हें विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में दर्ज कई मामलों में अभी तक ज़मानत नहीं मिली है।
Allahabad High Court
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री में ग्रेजुएट आकृति चौधरी की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत की गई प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) को रद्द कर दिया।

यह आदेश जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने चौधरी की हिरासत को चुनौती देने वाली 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर पारित किया।

Justice Atul Sreedharan and Justice Achal Sachdev
Justice Atul Sreedharan and Justice Achal Sachdev

इस बात की पुष्टि वकील चार्ली प्रकाश ने 'बार एंड बेंच' से की। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने नोएडा अधिकारियों को चौधरी को ₹5 लाख का मुआवज़ा देने का भी निर्देश दिया है।

इस मामले में चौधरी की ओर से सीनियर वकील कॉलिन गोंसाल्वेस और वकील प्रकाश पेश हुए।

चौधरी अभी भी हिरासत में रहेंगी क्योंकि उन्हें अप्रैल में नोएडा में हुए इंडस्ट्रियल वर्कर्स के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े कई मामलों में अभी ज़मानत नहीं मिली है।

मज़दूरों ने बेहतर वेतन और काम की बेहतर स्थितियों की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया था। ये प्रदर्शन हिंसक भी हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने मज़दूरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी।

चौधरी मज़दूरों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। पुलिस ने उन पर मज़दूरों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अहम भूमिका निभाने का आरोप लगाया था।

अपनी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका में चौधरी ने कहा कि उन्होंने एक सोशल वर्कर के तौर पर आंदोलन में हिस्सा लिया था और वह विरोध-प्रदर्शन की आयोजक नहीं थीं।

याचिका में कहा गया, "हिरासत के आधारों में लगाए गए आरोप अस्पष्ट, बहुत व्यापक और सामान्य प्रकृति के हैं, और उनमें ठोस विवरणों का अभाव है।"

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Noida workers' protest: Allahabad High Court quashes NSA detention of DU grad Akriti Chaudhary

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