

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें NSE फ़ोन टैपिंग मामले में NSE की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर चित्रा रामकृष्ण को ज़मानत देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।
जस्टिस मधु जैन ने आदेश पारित किया।
यह मामला 2009 और 2017 के बीच NSE कर्मचारियों के फ़ोन कॉल को कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से इंटरसेप्ट करने से जुड़ा है।
CBI के अनुसार, रामकृष्ण ने पूर्व CEO रवि नारायण, एग्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट रवि वाराणसी और हेड (परिसर) महेश हल्दीपुर के साथ मिलकर, एक्सचेंज में साइबर कमज़ोरियों की समय-समय पर स्टडी करने के बहाने NSE कर्मचारियों की कॉल इंटरसेप्ट करने के लिए कथित तौर पर iSEC सर्विसेज़ की सेवाएँ ली थीं।
ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2022 में रामकृष्ण को ज़मानत दे दी, जिसके बाद CBI ने हाई कोर्ट का रुख किया।
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NSE phone tapping case: Delhi High Court rejects CBI challenge to Chitra Ramkrishna's bail