[परम बीर सिंह मामला] "मीडिया रिपोर्ट हमे परेशान नहीं करती:" न्यायपालिका के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस संजय किशन कौल और एमएम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि कल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में महाराष्ट्र सरकार के बारे में कहा गया था कि उसे न्यायपालिका से निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिल सकती है।
[From L to R] Justice Sanjay Kishan Kaul and Justice MM Sundresh

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि यह मीडिया रिपोर्टों से प्रभावित नहीं है और ऐसी रिपोर्टों से अप्रभावित मामलों का फैसला करेगा।

जस्टिस संजय किशन कौल और एमएम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि कल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स थीं जिनमें महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि न्यायपालिका से निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती है।

उन्होंने कहा, "मीडिया रिपोर्ट हमें परेशान नहीं करती हैं। कल महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने बयान दिया था कि न्यायपालिका द्वारा उनकी निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती है और यह आज प्रेस में था और हमने इसे पढ़ा। लेकिन इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ा। हम इसे कूड़ेदान में डालते हैं जहां यह होता है।"

अदालत बॉम्बे हाईकोर्ट के 16 सितंबर के फैसले के खिलाफ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी परम बीर सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सिंह द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया गया था, जिसमें महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई दो प्रारंभिक जांच को चुनौती दी गई थी। सिंह ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने की भी मांग की है।

सिंह के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत बाली ने अदालत को बताया कि मामले में सीबीआई द्वारा एक स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

न्यायमूर्ति कौल ने कहा, "मान लीजिए कि हम सभी मामलों को सीबीआई को स्थानांतरित कर देते हैं और यहां एक रिपोर्ट की मांग करते हैं। हम जोर से सोच रहे हैं। इस तरह बेहतर जवाबदेही हो सकती है।"

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[Param Bir Singh case] "Media reports don't bother us:" Supreme Court on Maharashtra govt's remarks against judiciary

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