उत्तर प्रदेश में गरीब नवाज मस्जिद विध्वंस पर रिपोर्ट के लिए यूपी पुलिस ने द वायर के खिलाफ FIR दर्ज की

शिकायत एक महेंद्र सिंह ने की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि समाचार पोर्टल की रिपोर्ट निराधार और असत्य तथ्यों पर आधारित थी।
उत्तर प्रदेश में गरीब नवाज मस्जिद विध्वंस पर रिपोर्ट के लिए यूपी पुलिस ने द वायर के खिलाफ FIR दर्ज की
The Wire logo

उत्तर प्रदेश पुलिस ने समाचार वेबसाइट, द वायर और उसके दो पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में गरीब नवाज मस्जिद विध्वंस मुद्दे पर एक रिपोर्ट की थी।

सेराज अली और मुकुल चौहान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153, 153ए, 120-बी और धारा 501(1)बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राथमिकी महेंद्र सिंह द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि सोशल मीडिया और अन्य जुड़े प्लेटफार्मों पर व्यापक रूप से प्रसारित वीडियो रिपोर्ट अनिश्चित और निराधार तथ्यों पर आधारित थी और यह धार्मिक समुदायों के बीच संकट पैदा करने का एक प्रयास था।

हाल ही में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गरीब नवाज मस्जिद के विध्वंस को चुनौती देने वाले मामले में राज्य सरकार और उप-मंडल मजिस्ट्रेट, बाराबंकी से जवाब मांगा था।

अदालत सुन्नी वक्फ बोर्ड और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) द्वारा बाराबंकी में मस्जिद के विध्वंस के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसे गरीब नवाज मस्जिद के नाम से जाना जाता है।

कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश (यूपी) पुलिस ने सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर, न्यूज पोर्टल द वायर, पत्रकार राणा अय्यूब और सबा नकवी, कांग्रेस नेताओं शमा मोहम्मद, सलमान निजामी और मस्कूर उस्मानी और ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ गाजियाबाद से एक वीडियो ट्वीट करने के संबंध मे एक मामला दर्ज किया है, जिसमें कुछ हमलावरों द्वारा एक मुस्लिम व्यक्ति की दाढ़ी काटते हुए दिखाया गया है।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को उस मामले में ट्विटर के एमडी मनीष माहेश्वरी को अंतरिम संरक्षण दिया था।

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें


UP Police registers FIR against The Wire for report on Gareeb Nawaz Mosque demolition in Uttar Pradesh

Related Stories

No stories found.
Hindi Bar & Bench
hindi.barandbench.com