राज्य के खनन मामले की तत्काल सुनवाई की मांग के बाद सीजेआई एनवी रमना ने कहा,"हमे कर्नाटक मामलो के लिए बेंच बनानी पड़ सकती है।"

सीजेआई ने यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा राज्य में खनन से प्रभावित लोगों के मुआवजे से संबंधित एक मामले की तत्काल सूची की मांग के बाद की।
राज्य के खनन मामले की तत्काल सुनवाई की मांग के बाद सीजेआई एनवी रमना ने कहा,"हमे कर्नाटक मामलो के लिए बेंच बनानी पड़ सकती है।"

karnataka and supreme court

कर्नाटक से सुप्रीम कोर्ट में बड़ी संख्या में आने वाले मामलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना को बुधवार को व्यंग्यात्मक टिप्पणी करने के लिए प्रेरित किया कि राज्य से मामलों के लिए एक विशेष पीठ गठित करने की आवश्यकता होगी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा राज्य में खनन से प्रभावित लोगों के मुआवजे से संबंधित एक मामले की तत्काल सूची की मांग के बाद सीजेआई ने यह टिप्पणी की।

CJI ने वाक्य-वाण करते हुए कहा, "हम इसे सूचीबद्ध करेंगे और हो सकता है कि हमें केवल कर्नाटक के मामलों के लिए एक बेंच का गठन करना पड़े।"

यह मामला बहुत जरूरी है क्योंकि धन का उपयोग प्रभावित खनन जिलों में रहने वाले लोगों के लिए किया जाना है, यह तर्क दिया गया था।

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"We may have to form Bench for Karnataka matters," quips CJI NV Ramana after State seeks urgent hearing of mining case

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