दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI मनी लॉन्ड्रिंग केस में SDPI प्रेसिडेंट मोइदीन फैजी को ज़मानत दी

ED ने फैजी को मार्च 2025 में IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया।
Delhi High Court
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दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के प्रेसिडेंट मोइदीन कुट्टी के., जिन्हें एमके फैजी के नाम से जाना जाता है, को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) द्वारा फाइल किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस में बेल दे दी।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ज़मानत देने का आदेश दिया।

कहा जाता है कि SDPI पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) की पॉलिटिकल विंग है, जिसे सरकार ने 2022 में बैन कर दिया था।

फ़ैज़ी को ED ने मार्च 2025 में नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत PFI से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान गिरफ्तार किया था।

ED के केस के मुताबिक, SDPI, PFI के पॉलिटिकल फ्रंट के तौर पर काम करता है और फंडिंग और ऑपरेशन के लिए उसी पर निर्भर है, जिसमें करोड़ों रुपये के क्राइम की कमाई PFI से SDPI तक अनजान चैनलों के ज़रिए पहुंचाई जाती है।

कहा जाता है कि फ़ैज़ी ने अपनी गिरफ्तारी से पहले ED के कई समन टाले, जिसके कारण नॉन-बेलेबल वारंट जारी हुआ।

सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल, एडवोकेट रजत भारद्वाज, अंकिता एम भारद्वाज, दुष्यंत चौधरी, मोहम्मद फ़ियाज़, विश्वजीत सिंह और सिद्धार्थ सिंह के साथ एमके फ़ैज़ी की तरफ़ से पेश हुए।

Siddharth Agarwal
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ED की तरफ से उसके स्पेशल वकील ज़ोहेब हुसैन, पैनल वकील विवेक गुमानी के साथ-साथ वकील प्रांजल त्रिपाठी, कार्तिक सभरवाल और कनिष्क मौर्य ने केस लड़ा।

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Delhi High Court grants bail to SDPI President Moideen Faizy in PFI money laundering case

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