दिल्ली हाईकोर्ट ने कंगना रनौत के पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले मे उनके खिलाफ़ फ़र्ज़ी और अपमानजनक पोस्ट हटाने का आदेश दिया

एक्टर और BJP सांसद कंगना रनौत ने अपने बारे में फ़ेक न्यूज़, अश्लील और छेड़छाड़ किए गए कंटेंट को हटाने के लिए कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।
Kangana Ranaut
Kangana Ranaut facebook
Published on: 
2 min read

दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक्टर और BJP सांसद कंगना रनौत के खिलाफ पोस्ट की गई फेक न्यूज़ और अश्लील ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश उनके पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया [कंगना रनौत बनाम मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक और अन्य]।

जस्टिस विकास महाजन ने 8 अक्टूबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए मेटा (जिसके पास फेसबुक और इंस्टाग्राम का मालिकाना हक है) को निर्देश दिया कि वह कंगना रनौत द्वारा चिह्नित आपत्तिजनक सामग्री को 72 घंटे के भीतर हटा दे।

अदालत ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग को भी निर्देश दिया कि वे संबंधित इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को ऐसे कंटेंट वाली वेबसाइटों तक पहुंच को 72 घंटे के भीतर ब्लॉक करने के निर्देश जारी करें।

Justice Vikas Mahajan
Justice Vikas Mahajan

कोर्ट ने 8 अक्टूबर को इस मामले में नोटिस जारी किया था। इसका मकसद सोशल मीडिया इंटरमीडियरी और उन संस्थाओं से जवाब मांगना था जिन पर कंगना रनौत के पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) का उल्लंघन करने वाला कंटेंट पब्लिश करने का आरोप है।

सुनवाई के दौरान, रनौत के वकील ने एक्ट्रेस के बारे में फैल रही फेक न्यूज़ और उनके बारे में ऑनलाइन अपलोड किए गए अश्लील AI-जनरेटेड कंटेंट की ओर ध्यान दिलाया।

ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का निर्देश देने वाले अपने अंतरिम आदेश में, कोर्ट ने रनौत को यह छूट भी दी कि अगर उन्हें और कोई अपमानजनक कंटेंट मिलता है, तो वह मेटा और अन्य इंटरनेट इंटरमीडियरी से संपर्क कर सकती हैं ताकि उसे हटाया जा सके।

कोर्ट ने कहा, "वादी को यह इजाज़त है कि वह केस फाइल करने के बाद मिले और भी उल्लंघन करने वाले URL, अकाउंट, चैनल या कंटेंट के बारे में प्रतिवादियों को सूचित करे। इसके बाद प्रतिवादी वादी द्वारा नई कानूनी कार्यवाही शुरू किए बिना ही उन्हें हटा देंगे या उन तक एक्सेस बंद कर देंगे।"

रनौत की याचिका पर अगली सुनवाई 3 फरवरी, 2027 को होगी।

कंगना रनौत की ओर से वकील साकेत सीकरी, अनुसूया चौधरी, प्रखर खन्ना, विकल्प मुद्गल, शमीम यासर और सुधा प्रधान पेश हुए।

केंद्र सरकार की ओर से सेंट्रल गवर्नमेंट स्टैंडिंग काउंसिल सत्य रंजन स्वाइन, पैनल काउंसिल नवीन और वकील संस्कार गुप्ता, तुषार हज़रती और कौटिल्य बिरात पेश हुए।

[आदेश पढ़ें]

Attachment
PDF
Kangana_Ranaut_Vs_Meta_Platforms_Inc_And_Ors
Preview

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


Delhi High Court orders take down of fake, derogatory posts against Kangana Ranaut in personality rights case

Hindi Bar & Bench
hindi.barandbench.com