

बेंगलुरु की एक अदालत ने कन्नड़ समाचार चैनल 'बीटीवी न्यूज़' को निर्देश दिया है कि वह कर्नाटक बैंक लिमिटेड को हर्जाने के तौर पर 1 लाख रुपये का भुगतान करे। यह आदेश जून 2025 में बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के इस्तीफे के बाद, बैंक के बारे में अपमानजनक बयान प्रसारित करने के लिए दिया गया है। [कर्नाटक बैंक बनाम बीटीवी]
अतिरिक्त सिटी सिविल और सेशन जज आर.वाई. शशीधरा ने चैनल को कर्नाटक बैंक से माफी मांगने का निर्देश दिया। साथ ही, इस विवाद से जुड़े मामले में बैंक और उसके अधिकारियों के खिलाफ मानहानिपूर्ण बयान प्रकाशित करने से चैनल को हमेशा के लिए रोक दिया।
1 अक्टूबर को दिए गए फैसले में, कोर्ट ने कहा कि चैनल ने विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि किए बिना ही आरोप प्रसारित कर दिए थे।
कोर्ट ने आगे कहा, "प्रतिवादी ने 'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' द्वारा जारी पत्रकारिता आचरण के नियमों का पालन नहीं किया है। वादी बैंक के खिलाफ बयान प्रकाशित करते समय प्रतिवादी ने सिद्धांतों और नैतिकता का पालन नहीं किया।"
यह विवाद 29 जून, 2025 को कर्नाटक बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) और CEO श्रीकृष्णन हरि हरा शर्मा के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ।
बैंक के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के ऑडिट से पता चला कि शर्मा ने अपनी तय शक्तियों से बाहर जाकर, सलाहकारों और अन्य खर्चों के मद में 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
इसके बाद बैंक के बोर्ड ने ऑडिट के नतीजों पर विचार किया और इस रकम की वसूली की सिफारिश की। इन घटनाक्रमों की जानकारी 14 मई, 2025 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दे दी गई थी।
इसके बाद शर्मा ने निजी कारणों और मुंबई जाने की इच्छा का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया।
आरोप है कि BTV न्यूज़ ने इस्तीफे से जुड़ी परिस्थितियों की पुष्टि किए बिना ही, कर्नाटक बैंक की वित्तीय स्थिरता, आंतरिक प्रशासन और ग्राहकों की जमा राशि की सुरक्षा को लेकर सनसनीखेज और मानहानिपूर्ण दावे प्रसारित किए।
चैनल द्वारा दिए गए बयानों में यह चेतावनी भी शामिल थी कि जमाकर्ताओं का पैसा निकाला जा सकता है और ग्राहकों को बैंक में खाता खोलने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
चैनल ने यह भी संकेत दिया कि बैंक के निदेशकों के बीच वित्तीय अनियमितताएं और विवाद चल रहे हैं।
कोर्ट में दायर अपने मुकदमे में, कर्नाटक बैंक ने कहा कि इन प्रसारणों से निवेशकों और जमाकर्ताओं के बीच घबराहट फैल गई, जिसके कारण बैंक के निदेशकों को कई सवालों के जवाब देने पड़े।
बैंक ने दावा किया कि 26 जून, 2025 को कारोबार बंद होने के समय बैंक के शेयर की कीमत लगभग 207 रुपये थी, जो इन प्रसारणों के बाद तेजी से गिर गई।
बैंक ने 30 जून, 2025 को मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें 1 लाख रुपये के हर्जाने, सार्वजनिक माफी और भविष्य में मानहानिपूर्ण सामग्री प्रकाशित करने पर स्थायी रोक लगाने की मांग की गई। समंस मिलने के बावजूद BTV न्यूज़ अदालत में पेश नहीं हुआ, इसलिए मामले की सुनवाई एकतरफा (ex parte) आगे बढ़ी।
अदालत ने बैंक के चीफ बिज़नेस ऑफिसर चंद्रशेखर की गवाही, बैंक के ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण, मैनेजिंग डायरेक्टर का इस्तीफ़ा पत्र, टेलीविज़न प्रसारण की तस्वीरें और संबंधित सामग्री वाली एक कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) की जांच की।
सबूतों की जांच करने के बाद, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि चैनल ने बैंक प्रबंधन से कोई विश्वसनीय जानकारी लिए बिना ही मानहानि करने वाले आरोप प्रसारित किए थे।
अदालत ने माना कि इन प्रसारणों से बैंक की प्रतिष्ठा और व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुँचा है, जिसके लिए चैनल हर्जाना देने का ज़िम्मेदार है।
इसके अनुसार, अदालत ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया और चैनल को हर्जाने के साथ-साथ मुकदमे का खर्च भी वहन करने का आदेश दिया।
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Bengaluru Court orders Kannada news channel to pay ₹1 lakh for defaming Karnataka Bank