

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर और पॉलिटिशियन रवि किशन के पर्सनैलिटी राइट्स के बिना इजाज़त इस्तेमाल से जुड़े कंटेंट को हटाने का ऑर्डर दिया है।
जस्टिस ज्योति सिंह ने किशन की इमेज का इस्तेमाल करके या उनकी पर्सनैलिटी का ज़िक्र करके किसी भी तरह की गलत या अश्लील चीज़ के पब्लिकेशन पर रोक लगा दी है।
जस्टिस सिंह ने सोशल मीडिया इंटरमीडियरी गूगल, मेटा और एक्स कॉर्प को यह भी निर्देश दिया है कि अगर अपलोड करने वाली एंटिटी और लोग और डोमेन नेम रजिस्ट्रार कोर्ट का 2 जुलाई का ऑर्डर मिलने के तीन दिन के अंदर इसे नहीं हटाते हैं, तो वे 72 घंटे के अंदर ऐसे कंटेंट के वेब लिंक हटा दें।
कोर्ट ने किशन के फाइल किए गए केस में यह अंतरिम ऑर्डर पास किया। इसमें किशन ने अपनी पर्सनैलिटी के अधिकारों की सुरक्षा और वेबसाइट और सोशल मीडिया पर AI से बने अश्लील और अपमानजनक कंटेंट के सर्कुलेशन के खिलाफ निर्देश मांगे थे।
उनके द्वारा फ्लैग किए गए दूसरे कंटेंट में इश्क 104.8 FM पर 'व्हाट इज़ लव विद कवि किशन' नाम का एक रेडियो सेगमेंट भी था। उन्होंने कहा कि इस सेगमेंट में उनके नाम, इमेज और उनकी इमेज का उनकी इजाज़त के बिना कमर्शियल मकसद के लिए इस्तेमाल करके उनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी नकली नकल वाला एक AI से बना वीडियो भी इश्कFM के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिल सकता है।
कोर्ट ने अब इश्क 104.8 FM के मालिक, क्रिएटिव चैनल एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, जिसे मनोरंजन टीवी नेटवर्क भी कहा जाता है, के खिलाफ रोक का ऑर्डर जारी किया है।
किशन के पर्सनैलिटी अधिकारों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने का अंतरिम ऑर्डर कई दूसरी पार्टियों पर भी लागू होता है, जिसमें जॉन डूज़ (अज्ञात व्यक्ति) शामिल हैं, जिन्हें ऐसा कंटेंट अपलोड करते हुए पाया गया है।
मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
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Delhi High Court protects personality rights of actor-politician Ravi Kishan