लखनऊ कोचिंग सेंटर में आग: सुप्रीम कोर्ट ने LDA के वाइस-चेयरमैन को कोर्ट की अवमानना ​​का नोटिस जारी किया

अदालत को बताया गया कि 2016 में गिराने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन इस दुखद घटना तक कोई और कार्रवाई नहीं की गई।
Supreme Court of India
Supreme Court of India
Published on
3 min read

सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वाइस-चेयरमैन को हाल ही में कोचिंग सेंटर में लगी आग की उस घटना को लेकर अदालत की अवमानना ​​का नोटिस जारी किया, जिसमें 15 छात्रों की मौत हो गई थी। [लोगनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य]

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की बेंच ने LDA से जवाब मांगने का फ़ैसला किया। बेंच ने देखा कि शहर के मास्टर प्लान के तहत तय ज़मीन के इस्तेमाल के नियमों को तोड़ने वालों के ख़िलाफ़ कोई असरदार कार्रवाई नहीं की गई थी।

कोर्ट ने कहा, "इस कोर्ट को अवमानना ​​की कार्यवाही में नोटिस जारी करना पड़ रहा है, क्योंकि यह बात मानी गई है कि मास्टर प्लान के तहत तय ज़मीन के इस्तेमाल के नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ कोई असरदार कार्रवाई नहीं की गई है।"

यह तब हुआ जब एमिकस क्यूरी और सीनियर एडवोकेट अजीत कुमार सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि यह हादसा उस इमारत में हुआ था जहाँ कमर्शियल गतिविधियाँ चल रही थीं।

कोर्ट को बताया गया कि इस इमारत को गिराने का आदेश 10 मई, 2016 को ही जारी कर दिया गया था। हालाँकि, जिस अथॉरिटी ने यह आदेश जारी किया था, उसने उसी साल 5 जुलाई को एक तकनीकी आधार पर इसे वापस ले लिया।

एमिकस ने कोर्ट को बताया कि हादसा होने तक इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Justices Ahsanuddin Amanullah and R Mahadevan
Justices Ahsanuddin Amanullah and R Mahadevan

लखनऊ में लगी आग का मामला कोर्ट के सामने तब आया जब चेन्नई में अवैध निर्माण से जुड़े एक मामले की सुनवाई चल रही थी।

इस मामले पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय इलाकों में बिल्डिंग और ज़मीन के इस्तेमाल के नियमों का उल्लंघन करके कमर्शियल काम किए जाने के बड़े मुद्दे पर ध्यान दिया।

इसके बाद कोर्ट ने पूरे देश में इस मुद्दे की जांच के लिए कार्यवाही का दायरा बढ़ाया और राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में अधिकारियों से आवासीय इलाकों में कमर्शियल काम के इस्तेमाल के बारे में जानकारी मांगी।

4 अगस्त की सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने देखा कि LDA शुरू में इस कार्यवाही का हिस्सा नहीं था। हालांकि, उसने एक एप्लीकेशन के साथ हलफनामा दाखिल करके खुद को इसमें शामिल करने (पार्टी बनाने) की मांग की थी।

इसके बाद कोर्ट ने LDA को उसके वाइस-चेयरमैन के ज़रिए प्रतिवादी (respondent) के तौर पर शामिल किया।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि लखनऊ में आग लगने की घटना के बाद एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई थी और उसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

इसलिए कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में SIT की रिपोर्ट सीलबंद लिफ़ाफ़े में उसके सामने पेश की जाए।

बेंच ने LDA के वाइस-चेयरमैन प्रथमेश कुमार, जो कोर्ट में मौजूद थे, को अगली सुनवाई की तारीख पर व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने और यह बताने का निर्देश दिया कि कोर्ट के निर्देशों का पालन न करने के लिए उनके खिलाफ उचित आदेश क्यों न जारी किए जाएं।

[आदेश पढ़ें]

Attachment
PDF
Loganathan_v__State_of_Tamil_Nadu___Ors
Preview

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


Lucknow coaching centre fire: Supreme Court issues contempt of court notice to LDA vice-chairman

Hindi Bar & Bench
hindi.barandbench.com