व्यक्तित्व अधिकार मामलों में व्यापक निषेधाज्ञा नहीं दी जा सकती: अभिनेत्री मीनाक्षी चौधरी के मुकदमे में दिल्ली हाईकोर्ट

कोर्ट ने इस केस को एक्टर्स जाह्नवी कपूर और विवेक ओबेरॉय द्वारा दायर इसी तरह के दूसरे केसों के साथ जोड़ दिया है और अब वह पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामलों के पहलुओं पर विचार करेगा।
Meenakshi Chaudhary
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दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) से जुड़े मुकदमों में व्यापक अंतरिम रोक (ब्लैंकेट अंतरिम निषेधाज्ञा) देने के पक्ष में नहीं है।

जस्टिस अनूप जयराम भंभानी, एक्ट्रेस मीनाक्षी चौधरी की ओर से अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दायर एक मामले की सुनवाई कर रहे थे।

सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा, "मैं पर्सनैलिटी राइट्स पर पूरी तरह से रोक (ब्लैंकेट इंजेक्शन) लगाने के खिलाफ हूं।"

यह मानते हुए कि कोर्ट के आदेश से इंटरनेट पर मौजूद अश्लील कंटेंट को हटाया जा सकता है, जस्टिस भंभानी ने सवाल उठाया कि किस हद तक 'एक्स-पार्टे' (एकतरफा) रोक के आदेश जारी किए जा सकते हैं।

"अगर कोई चीज़ अश्लील या भद्दी है, तो उसे हटाना ही होगा। आप एक पब्लिक पर्सनैलिटी हैं। हम सीमा कहाँ तय करें? एक सीमा तय करने की ज़रूरत है। लेकिन हम सीमा कहाँ तय करें?"

Anup Jairam Bhambhani
Anup Jairam Bhambhani

कोर्ट ने एक्ट्रेस के वकील से यह दिखाने को कहा कि उनके 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व से जुड़े अधिकार) का गलत इस्तेमाल कैसे हो रहा है।

"सिर्फ़ कहने से काम नहीं चलेगा। सिर्फ़ इसलिए कि तस्वीर आपकी है, इसका मतलब यह नहीं है कि उस पर आपका कॉपीराइट है। अगर आप नहीं चाहतीं कि लोग आपकी तस्वीरें लें, तो आप कहिए कि कभी भी तस्वीर न छापी जाए। मैं ऐसा आदेश दे दूंगा कि सभी तस्वीरें हटा दी जाएं। इंटरनेट से गायब कर दी जाएं। क्या आप यही चाहती हैं?"

एक्ट्रेस के वकील ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वेबलिंक्स की एक लिस्ट पेश की, जिसे तीन कैटेगरी में बांटा गया था।

पहली कैटेगरी में उनसे जुड़ा बिना इजाज़त वाला अश्लील या सेक्स से जुड़ा कंटेंट था। दूसरी कैटेगरी में ऐसी वेबसाइट्स थीं जो उनकी तस्वीरों और वीडियो से पैसे कमा रही थीं। तीसरी कैटेगरी में उनके नाम पर सामान और सेवाओं की बिना इजाज़त बिक्री का ज़िक्र था।

कोर्ट ने अश्लील कंटेंट पर एकतरफा अंतरिम रोक (ex parte ad interim injunction) लगा दी।

जस्टिस भंभानी ने चौधरी के केस को एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर और विवेक ओबेरॉय द्वारा दायर इसी तरह के दूसरे केसों के साथ भी जोड़ दिया, जहां कोर्ट 'पर्सनैलिटी राइट्स' से जुड़े मामलों के दायरे पर विचार करेगा।

कोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ मशहूर हस्तियां कोर्ट के आदेशों का गलत इस्तेमाल करती हैं, इसलिए ऐसे केसों के दायरे की जांच करने की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा, "मैं इसे कानून के मामले के तौर पर तय करना चाहता हूं।"

सुनवाई की अगली तारीख 22 सितंबर है।

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No blanket injunction in personality rights cases: Delhi HC in actor Meenakshi Chaudhary’s suit

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