

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस फ़ैसले में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि तमिल फ़िल्म 'मूदु पानी' के गाने 'एन इनिया पोन निलावे' के बोल और साउंड रिकॉर्डिंग पर म्यूज़िक कंपोज़र इलैयाराजा का कॉपीराइट नहीं है [इलैयाराजा बनाम सारेगामा]।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच ने म्यूजिक लेबल सारेगामा के पक्ष में 26 मई को आए हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ इलैयाराजा की अपील पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब वेल्स फिल्म इंटरनेशनल ने अपनी फिल्म 'अगाथिया' में 'मूदु पानी' फिल्म के गाने 'एन इनिया पोन निलावे' का रीक्रिएटेड वर्शन इस्तेमाल किया और दावा किया कि उनके पास इलैयाराजा से इसका लाइसेंस है। सारेगामा ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि ओरिजिनल प्रोड्यूसर से असाइनमेंट के ज़रिए इसके अधिकार उनके पास हैं।
आखिरकार दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इलैयाराजा के पास गाने के सिर्फ़ म्यूज़िकल हिस्से या धुन के अधिकार थे, न कि बोल या साउंड रिकॉर्डिंग के। 21 मई को एक डिवीज़न बेंच ने इस मामले में सिंगल-जज के फैसले को बरकरार रखा।
इसके बाद इलैयाराजा ने हाई कोर्ट के 21 मई के फैसले की सही-गलत जांचने के लिए एक रिव्यू पिटीशन दायर की।
हाई कोर्ट ने 26 मई को इस रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया।
इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट गए।
कंपोज़र की तरफ से सीनियर एडवोकेट सीए सुंदरम और स्वाति सुकुमार पेश हुए।
SAREGAMA का प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने किया, जिनकी सहायता एरियन लीगल के एडवोकेट अंकुर संगल और अंकित अरविंद ने की।
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